भीमबेटका की दीवार एक बार बनी तस्वीर नहीं है। सफेद पशु पर लाल रेखा, या छोटे समूह के पीछे बड़ा आकार बताता है कि सतह बार-बार इस्तेमाल हुई।

ICOMOS के मूल्यांकन में एक जगह पंद्रह तक चित्र-परतें दर्ज हैं। ऊपर का चित्र बाद का हो सकता है, मगर इससे कैलेंडर की तारीख अकेले नहीं मिलती।

काल तय करने में शैली, विषय, रंग और पास मिले अवशेष साथ पढ़े जाते हैं। मूल्यांकन के समय सीधी एएमएस तारीख उपलब्ध नहीं थी। INFLIBNET भी वाकणकर की व्यवस्था में अध्यारोपण और खुदाई-संदर्भ की भूमिका बताता है।

यूनेस्को के अनुसार पांच समूहों की चित्र परंपरा मध्यपाषाण से ऐतिहासिक काल तक जाती है। तस्वीर में कई रंगों का साथ लंबे इस्तेमाल का संकेत है, हर आकृति की निश्चित उम्र नहीं।

मुख्य बातें

  • चित्रों का क्रम अक्सर एक आकृति के ऊपर दूसरी आकृति से पढ़ा जाता है।
  • एक ही सतह पर पंद्रह तक परतें दर्ज की गई हैं।
  • शैली और रंग के साथ आसपास की खुदाई का प्रमाण भी जरूरी है।

स्रोत और संदर्भ

  1. यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र · Rock Shelters of Bhimbetka ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  2. ICOMOS / UNESCO · Advisory Body Evaluation: Bhimbetka ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  3. INFLIBNET Centre · Rock Art of India ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।

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