शहडोल जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर 6 अक्टूबर 2026 से कृमिमुक्ति अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से इसकी तैयारियां और संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति के अध्यक्ष पार्थ जायसवाल ने 21 सितम्बर को हुई संयुक्त बैठक में दिए। बैठक में दोनों विभागों के कार्यक्रमों और अभियानों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

गर्भवती और धात्री महिलाओं की बनेगी सूची

महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ के साथ मिलकर गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं की सूची तैयार करेंगे। सूचीबद्ध महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। होम डिलीवरी रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई के साथ जागरूकता गतिविधियां चलाने के निर्देश भी दिए गए।

छह वर्ष तक के बच्चों का आधार पंजीयन पूरा करने के निर्देश

जिले में छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों का आधार पंजीयन पूरा कराया जाएगा, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके। आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित पहचान के साथ स्वास्थ्य और पोषण संबंधी गतिविधियां संचालित करने को भी कहा गया है।

गंभीर कुपोषित बच्चों को मिलेगा जरूरी उपचार

कुपोषित और अति गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका पंजीयन किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार ऐसे बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा और जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा सहित दोनों विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।