सिंगरौली जिले के नौढिया आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार को पोषण दिवस मनाया गया। पोषण पखवाड़े के तहत हुए कार्यक्रम में गर्भवती व धात्री महिलाओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की पोषण जरूरतों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास परियोजना चितरंगी क्रमांक-1 के अंतर्गत आयोजित हुआ। ग्राम पंचायत खटाई की सरपंच हिरामन देवी इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
शुरुआती छह वर्षों के आहार पर जोर
वक्ताओं ने बताया कि जीवन के शुरुआती छह वर्ष बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अहम होते हैं। इस दौरान नियमित संतुलित और पौष्टिक भोजन उनके स्वस्थ विकास में सहायक होता है।
गर्भावस्था और स्तनपान की अवधि में पर्याप्त पौष्टिक आहार की जरूरत भी समझाई गई। बताया गया कि इसका संबंध मां और शिशु, दोनों के स्वास्थ्य से है।
स्थानीय खाद्य पदार्थों से पोषण सुधारने की सलाह
ग्रामीणों को दैनिक भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक चीजें शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, दूध और अंडे को उपयोगी विकल्पों के रूप में बताया गया।
कार्यक्रम में संतुलित आहार के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी की पोषण व स्वास्थ्य सेवाओं के साथ परिवार और समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डॉ. शतेन्द्र सोंधिया, पर्यवेक्षक प्रितेश सिंह, पीरामल फाउंडेशन के गांधी फेलो हर्ष गुप्ता तथा ओडनी और खटाई ग्राम पंचायतों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं उपस्थित रहीं।



