कृषि शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से तथा सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत कृषि महाविद्यालय खुरई के बी.एस.सी. कृषि अंतिम वर्ष के छात्र का ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, टीकमगढ़ में प्रारंभ हुआ। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थी छह माह तक किसानों के बीच रहकर ग्रामीण कृषि कार्य, खेती की तकनीकों तथा किसानों के व्यावहारिक अनुभवों को समझेंगे।

कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र, टीकमगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. बी. एस. किरार के मार्गदर्शन में किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि की वास्तविक परिस्थितियों को समझने, किसानों की समस्याओं को जानने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को खेत स्तर तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। रावे कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एस. के. जाटव तथा सहायक नोडल अधिकारी डॉ. आई. डी. सिंह विद्यार्थियों को समय-समय पर आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ग्राम पाण्डेर में जाकर किसानों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कराया गया। विद्यार्थी किसानों की पारंपरिक कृषि पद्धतियों, स्थानीय ज्ञान, फसल उत्पादन तकनीकों, कृषि समस्याओं तथा उनके समाधान के व्यावहारिक अनुभवों को समझेंगे। इसके साथ ही उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती, फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा कृषि प्रसार गतिविधियों की जानकारी भी दी जाएगी। वैज्ञानिक डॉ. एस. के. जाटव ने बताया कि रावे कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को “कक्षा से खेत और खेत से किसान” की अवधारणा के माध्यम से कृषि की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना है।

किसानों के बीच रहकर विद्यार्थी न केवल कृषि की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त करेंगे, बल्कि किसानों की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को समझते हुए उनकी समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने का अनुभव भी प्राप्त करेंगे। छह माह की इस अवधि में विद्यार्थी किसानों के साथ निरंतर संपर्क में रहकर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार, कृषि सर्वेक्षण, किसान संवाद, खेत भ्रमण एवं विभिन्न कृषि गतिविधियों में सहभागिता करेंगे। इससे विद्यार्थियों में व्यावहारिक कृषि ज्ञान, संचार कौशल और किसानों के साथ कार्य करने की क्षमता विकसित होगी।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.एस के. सिंह ने कहा कि रावे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य के कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी एवं कृषि उद्यमी के रूप में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, किसानों के स्थानीय अनुभव और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी यह कार्यक्रम उपयोगी सिद्ध होगा। डॉ यू. एस धाकड़, डॉ. एस. के. जाटव एवं डॉ. आई. डी. सिंह द्वारा छात्रों को ग्राम पाण्डेर में जा कर कृषको से संवाद भी कराया। इस कार्यक्रम में किसान संघ के तहसील अध्यक्ष रामचंद्र श्रोती साथी ही प्रगतिशील किसान बद्रीप्रसाद तिवारी भी उपस्थित रहे।