जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण की दिशा में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की संवेदनशील पहल से ग्राम आनंदपुर निवासी दो सगे भाइयों को बड़ी राहत मिली। दोनों भाइयों द्वारा दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए प्रस्तुत आवेदन पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

ग्राम आनंदपुर निवासी श्री रतन सिंह एवं श्री पप्पू सिंह लोधी आज जनसुनवाई में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने की मांग लेकर पहुंचे थे। कलेक्टर श्री गुप्ता ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा को दोनों भाइयों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तत्काल बनवाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए मेडिकल बोर्ड के माध्यम से दोनों भाइयों का आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराया। लगभग दो घंटे के अंतराल में ही दोनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए। इस त्वरित कार्रवाई से दोनों भाइयों के जिला मुख्यालय आने का उद्देश्य उसी दिन पूरा हो गया।

प्रमाण-पत्र मिलने पर दोनों भाइयों ने राहत व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रमाण-पत्र के अभाव में उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही थी।

दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्राप्त होने से अब दोनों भाई शासन द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित पेंशन, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की पहल और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से दो जरूरतमंद नागरिकों को बिना अनावश्यक विलंब के आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हो सके है।